SCने धोनी पर धार्मिक भावनाओ को आहत करमे की शिकायत को किया खारिज

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने आंध्रप्रदेश के अनंतपुर में धोनी के खिलाफ चल रहे केस को रद्द कर दिया है. ये केस धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में दर्ज किया गया था.

मामला एक मैगज़ीन के कवर में धोनी को भगवान विष्णु की तरह दिखाए जाने का है. बिज़नेस टुडे के कवर पेज पर छपी इस तस्वीर में धोनी को विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन की दुनिया के भगवान की तरह बताया गया था.

उन्हें भगवान विष्णु जैसे रूप में दिखाया गया. उनके आठ हाथों में कई तरह के प्रोडक्ट दिखाए गए. इनमें एक जूता भी शामिल था. इसे लेकर धोनी के खिलाफ कर्नाटक के बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में मुकदमे दर्ज किए गए. उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने यानी आईपीसी की धारा 295 के तहत आरोप लगा.

इन मुकदमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे धोनी का कहना था कि उन्होंने इस तरह की कोई तस्वीर नहीं खिंचाई. अगर मैगजीन ने उनकी तस्वीर को ग्राफिक्स के इस्तेमाल के जरिए बदला तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में बेंगलुरु की अदालत में धोनी के खिलाफ चल रहे मुकदमे को खारिज कर दिया था. आज अनंतपुर के मुकदमे को भी रद्द कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि इन सबके पीछे धोनी की कोई दुर्भावना नहीं थी. अगर उनके खिलाफ मुकदमे को जारी रखा जाता है, तो ये न्याय का मज़ाक उड़ाने जैसा होगा.

जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने मैगजीन के संपादक के खिलाफ चल रही कार्यवाही को भी निरस्त कर दिया. कोर्ट ने माना कि उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला नहीं बनता है.

 

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