गृहमंत्री की मुख्यमंत्रियों को दो टूक, सभी मुख्यमंत्री अपने राज्यों में कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभी मुख्यमंत्रियों से अपने राज्य में रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है. गौरतलब है कि बुधवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कश्मीरी छात्रों पर हुए कथित हमले के बाद राजनाथ सिंह ने यह बात कही है. गृहमंत्री ने कहा कि उन्हें कल रात इस बारे में जानकारी मिली कि भारत के एक दो हिस्सों में कश्मीरी युवाओं के साथ लोगों ने बदसलूकी की है. रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरप्रदेश और राजस्थान में कश्मीरी छात्रों को प्रताड़ित किया गया है.

सिंह ने इस मामले पर कहा कि उन्होंने गृह सचिव से दिशा निर्देश जारी करने को कहा है. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके राज्य में ऐसी घटनाएं न हों, कश्मीरी भी भारत के ही नागरिक हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनका योगदान भी बहुत बड़ा है.

सिंह ने आगे कहा ‘मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि कश्मीरियों को अपना भाई समझें. वे भी भारतीय नागरिक हैं और इस परिवार का हिस्सा हैं.’ गौरतलब है कि चितौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में छह कश्मीरी छात्रों को कथित तौर पर पीटा गया. पुलिस का कहना है कि इस हिंसा के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है. हमले में छात्रों को हलकी चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है.

बताया जा रहा है कि कश्मीरी छात्र बाजार में थे जब उनके पास करीब पांच लोग आए और उनका नाम और बाकी का जानकारी पूछने लगे. पुलिस अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया ‘यह गुट फिर उनकी पिटाई करने लगा.’ हमलवारों को अभी तक पकड़ा नहीं गया है. मेवाड़ यूनिवर्सिटी में करीब 500 कश्मीरी और 300 जम्मू के छात्र पढ़ते हैं. पिछले साल कुछ कश्मीरी छात्रों को यूनिवर्सिटी के होस्टल में बीफ खाने की अफवाह पर पीटा गया था.

उधर यूपी के मेरठ में मेडकिल कॉलेज के बाहर लगाया गया एक पोस्टर फेसबुक पर चक्कर लगा रहा है जिसमें ‘कश्मीरियों उत्तरप्रदेश छोड़ो’ लिखा हुआ है. बताया जा रहा है कि यह पोस्टर एक स्थानीय नेता द्वारा लगाया गया है जिसका किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है. अमित जॉनी नाम का यह शख्स खुद को उत्तरप्रदेश नवनिर्माण सेना का सदस्य बताता है और इससे पहले उसने मायावती की मूर्ति तोड़ने और कन्हैया को मारने की घोषणा करके भी ध्यान बटोरने की कोशिश की है. यह पोस्टर शुभार्थी मेडकिल कॉलेज के बाहर  लगाया गया है जहां कई कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं.

 
 

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